बच्चों कि इम्युनिटी बढ़ाने के 10 असरदार घरेलू नुस्खे?

 बच्चों कि इम्यूनिटी, बढ़ाने के घरेलू नुस्खे को जानने से पहले हमें ,यह समझना होगा कि बच्चों में इम्यूनिटी कमजोर क्यों होती है? इम्यूनिटी होती क्या है और यह क्यों जरूरी है इसके मुख्य कारण क्या हैं?


बच्चों में इम्यूनिटी कमजोर होने के यह कारण है।

अक्सर हमलोग अपने बच्चों को बाहर का खाना जंक फूड आदि बाजार से लाकर देते हैं, जिस खाने में कोई पोषण नहीं होता हैं,सिर्फ कैलोरी होती है।

एंटी-बायोटिक दवा का ज्यादा इस्तेमाल होने से शरीर की प्राकृतिक तरीके से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।

नींद की कमी होने से बच्चे चीर चीरे हो जातें हैं, बच्चे हो या जवान नींद के दौरान सबका शरीर खुद को रिपेयर करता है।

बच्चा पानी कम पिता है तो बच्चे के शरीर से टॉक्सिन बाहर नहीं निकल पाते।

बच्चों में स्क्रीन टाइम का ज्यादा होना, बाहर खेलने नहीं जाना बच्चे के शरीर में धूप नहीं लगना, स्कूल जाना वह पढ़ाई का तनाव यह सभी बच्चों की इम्युनिटी को कमजोर करते हैं।

इम्यूनिटी क्या हैं और यह क्यों जरूरी है? 

इम्यूनिटी एक रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है,यह शरीर की वह ताकत है जो हर बीमारी से लड़ने की क्षमता रखती है। जब भी कोई बैक्टीरिया या वायरस हमारे शरीर में आता है तो यह एक सेना की तरह हमला करती और हमारे शरीर से वायरस को निकाल देती है।
हम बड़ों के मुक़ाबले बच्चों की इम्युनिटी बहुत कमजोर होती है, उनका शरीर अभी विकास की तरफ बढ़ ही रहा है इसलिए उनकी इम्यूनिटी कमजोरी रहती है तो हम लोगों को चाहिए कि उनकी इम्यूनिटी का खास ख्याल रखें। 

बच्चों में इम्यूनिटी कमजोर होने के लक्षण।


बच्चों में बार-बार सर्दी जुकाम का होना। 
मौसम के बदलते ही बुखार लगना।
बच्चों क निमोनिया होना या कान में इन्फेक्शन।
बच्चों में एनर्जी की कमी रहना और थकान रहना 
बच्चों को डायरिया या पेट की समस्या होना।
बच्चों के घाव जल्दी ना भरना।

तो इसलिए अब इस पोस्ट में हम यह जानते हैं कि बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के 10 असरदार घरेलू नुस्खे क्या हैं।

 1 बच्चों के लिए हल्दी वाला दूध (गोल्डेन मिल्क)

बच्चों के लिए हल्दी वाला दूध बहुत जरूरी है क्योंकि हल्दी मैं मौजूद एक करक्युमिन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुणो से भरपूर है, यह शरीर की सूजन को कम करने के साथ संक्रमण से भी लड़ने की क्षमता रखता है। 

हल्दी वाले दूध को हम तैयार कैसे करें। 
एक गिलास गर्म दूध करें ,और थोड़ा सा एक चौथाई पिसी हुई हल्दी पाउडर को डालें और साथ में काली मिर्च का भी पाउडर डाल सकते हैं,मिठास के लिए गुड़ या शहद भी डाल सकते हैं,
अगर बच्चे को हल्दी वाला दूध पसंद नहीं है तो उसमें खुशबू के लिए इलायची पाउडर भी डाल सकते हैं ताकि बच्चा आराम से पी सके। 


2 बच्चों के लिए तुलसी और गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं।

तुलसी और गिलोय काढ़ा क्यों खास है। क्योंकि तुलसी में मौजूद है।एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होते हैं। गिलोय या (गुरुच) इम्यून सिस्टम का सबसे अच्छा टॉनिक माना जाता है।

5 से 6 तुलसी के पत्ते लेकर, 1से 2गिलोय के डंठल या आप 1/2 छोटा चम्मच गिलोय पाउडर भी लें सकते हैं इसे एक गिलास पानी में  अच्छी तरह से उबालें जब पानी आधा रह जाए, तो श्री इसे छान लें, थोड़ा शहद मिलाएं,सुबह खाली पेट या शाम को बच्चे को दें। यह काढ़ा हफ्ते में 2 से 3 बार दे सकते हैं अगर बच्चा पहले से बीमार है तो उसे रोज दें।


3 आंवला जो  विटामिन C का पॉवर हाउस ह बच्चों को कैसे खिलाएं।

आंवला में विटामिन C बहुत ज्यादा मात्रा में होता है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत तो करता है,और साथ में संक्रमण से भी बचाता है।
एक ताजा आंवला ले और काटकर उस पर थोड़ा सा नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर बच्चे को दें।
या आंवला मुरब्बा बच्चों को एक छोटा टुकड़ा रोज दें आप चाहे तो आंवले का जूस निकालकर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर भी दे सकते हैं,
बच्चों को सर्दियों में एक चम्मच आंवला पाउडर गुनगुने पानी के साथ भी दे सकते हैं।


4  बच्चों को विटामिन C वाले फल  जैसे संतरा, अमरूद, कीवी, और स्ट्रॉबेरी फल दें।

विटामिन C फल सफेद रक्त कोशिकाओं को WBCs को बढ़ाता है ,जो इंफेक्शन से लड़ने के लिए बहुत जरूरी हैं।
 बच्चों को  एक संतरा सुबह नाश्ते में दें।पीला अमरूद छिलके के साथ दे क्योंकि छिलके में सबसे ज्यादा मात्रा में विटामिन C होता है।
कीवी भी काटकर बच्चों को फ्रूट चाट में मिलाकर दें।
एक दिन में कम से कम 1 विटामिन C वाला कोई भी फल बच्चों को खानें में शामिल करें।
फल को हमेशा सुबह 10-11 बजे के बीच ही स्नैक्स की तरह दें। इससे शरीर में विटामिन C अच्छे से एब्जॉर्ब करता है।

5  बच्चों के लिए शहद और अदरक का रस कैसे बनाएं।

शहद में मौजूद हैं एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होते हैं ।अदरक शरीर में सूजन को कम करता है,और सर्दी-जुकाम में भी बहुत फायदा करता है।
 1 इंच अदरक का छोटा-सा टुकड़ा कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें, और उसमें 1 चम्मच शहद मिलाएं,बने हुए मिश्रण को बच्चे को दिन में एक बार दें ,सुबह खाली पेट देना सबसे अच्छा  होता है। आप अदरक ,शहद को गुनगुने पानी में मिलाकर भी दें सकते हैं।

एक जरूरी बात 1 साल से कम उम्र के बच्चों को शहद  बिल्कुल न दें शहद नुकसान कर सकता है।बोटुलिज्म का खतरा है।


6 बच्चों को ड्राई फ्रूट्स और नट्स बादाम, अखरोट, किशमिश दें।

बादाम में मौजूद हैं विटामिन E और हेल्दी फैट्स, वहीं अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होता है जो इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाता है।
बादाम को रातभर पानी में भिगोकर रखें और सुबह छिलका उतारकर बच्चों को दें। बच्चों को 1-2 अखरोट रोजाना दें।मुट्ठी भर किशमिश सुबह को दें।
आप चाहे तो मिक्स पाउडर भी बना सकते हैं बादाम अखरोट, काजू, किशमिश ,पिस्ता, व इलायची को पीसकर पाउडर बना लें,इसको 1 चम्मच दूध या रागी लपटा, दलिया में मिलाकर दें।

अगर आपके बच्चे 5 साल से कम उम्र के है तो अपने बच्चों को साबुत नट्स न दें दम घुटने का खतरा हो सकता है,उन्हें हमेशा पाउडर या पेस्ट के रूप में ही दें तो बेहतर होगा।


7 बच्चों को मखाने और चने का हेल्दी स्नैक्स खिलाएं।

मखाने में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन होता है। और भुना हुआ चना भी प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है। दोनों इम्यूनिटी बढ़ाने में काफी मदद करते हैं।

मखाने को कड़ाही में थोड़ा घी डालकर हल्का भूनें थोड़ा काला नमक और लाल मिर्च पाउडर एक चूटकी डालें। और भुने हुए चने को सीधे खाने को दें।
खासकर शाम के स्नैक्स में 1 कटोरी भुना हुआ मखाना/चना भी जरूर दें।


8 बच्चों को दही खिलाएं। प्रोबायोटिक्स

 दही में गुड बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक्स) गुणों से भरपूर होते हैं जो आंतों को हेल्दी रखते हैं। इम्यूनिटी का 70% हिस्सा आंतों व (गट) पर निर्भर करता है।

बच्चों को रोजाना दोपहर में 1 कटोरी ताजा दही जरूर खिलाएं। दही में थोड़ा सा काला नमक और भुना जीरा पाउडर भी मिलाकर दे सकते हैं। आप चाहे तो दही को रायता या लस्सी के रूप में भी बनाकर दे सकते हैं।


9 धूप विटामिन D का नेचुरल सोर्स हैं और ये जरूरी है।

 विटामिन D इम्यूनिटी के लिए बहुत जरूरी है। प्रतिदिन सुबह सवेरे 7 से 9 बजे के बीच अपने बच्चे को 15-20 मिनट धूप में बिठाएं साथ में खुद भी बैठे तो बेहतर है  उसे बिना चश्मे और बिना सनस्क्रीन के ही धूप में रखें ।शरीर पर हल्का कपड़ा होना चाहिए ताकि धूप लग सके धूप सेंकने से से विटामिन D के साथ-साथ मूड भी अच्छा होता है।


10 बच्चे को रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद सोने दे।

नींद बच्चे हो या बुजुर्ग हो  या जवान सभी के लिए खास है नींद के दौरान शरीर साइटोकिन्स नामक एक प्रोटीन बनाता है जो शरीर के संक्रमण और सूजन से लड़ता है। और अगर नींद पूरी न हो तो यह प्रोटीन बहुत ही कम बनता है और इम्यूनिटी सिस्टम काफी कमजोर होती है।

 बच्चों की उम्र के हिसाब से एक दिनचर्या होनी चाहिए जिससे उसके खाने-पीने सोने जागने तक का टाइम टेबल हो

पूरा पोस्ट पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद!